स्वास्थ्य : वर्ष में एक बार फलेरिया रोधी दवा का सेवन लाभकारी : राम बल्लभ
🔴 मरीजों को ट्रेक कर किया गया रजिस्ट्रेशन : राम बल्लभ कुमार (पीओसीडी) ।
🔴 फलेरिया की दवा सेवन से कुछ लोगों पर सरदर्द,उल्टी,चक्कर आदि जैसे मामूली प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है,घबराने की जरूरत नहीं।
रिपोर्ट : दैनिक आजतक डेस्क।
उदाकिशुनगंज प्रखंड अंतर्गत खाड़ा पंचायत एवं बुधामा पंचायत में शनिवार को फलेरिया के मरीजों को खोजकर उनका रजिस्ट्रेशन किया गया।
इस क्रम में पीरामल फाउंडेशन के कम्युनिकेशन डिजीज के प्रोग्राम आफिसर (POCD) राम बल्लभ कुमार ने क्षेत्र भ्रमण किया। उन्होंने खाड़ा पंचायत और बुधामा पंचायत का भ्रमण कर चिन्हित और आशंकित फलेरिया और कालाजार रोगी से मिला। उनके द्वारा रोगी से रोग के इतिहास के बारे में पूछताछ की गई।
उन्होंने बुधामा में संचालित एचएससी सह जन आरोग्य मंदिर परिसर में सीएचओ मु. सकील अख्तर के उपस्थिति में खाड़ा के फलेरिया रोगी राकेश रंजन,बिनोद झा,निरमोद झा,सुमन झा सहित अन्य से मुलाकात की और रोग के बारे में इतिहास जाना और रजिस्ट्रेशन भी किया।
🔴 फलेरिया रोग है क्या?
पीओसीडी ने कहा कि फलेरिया को हाथी पांव के नाम से जाना जाता है। फलेरिया से बचाव हेतु दवा का सेवन दो साल से कम उम्र के बच्चे,गर्भवती महिलाएं और अत्यधिक बीमार व्यक्ति को छोड़कर कर सभी कर सकते हैं। राम बल्लभ ने बताया कि हाइड्रोसील का इलाज ससमय जहां संभव है वहीं अन्य अंगों में आया हुआ सूजन (फलेरिया) आमतौर पर लाइलाज होता है।
🔴 सीएचओ ने कहा:
सीएचओ मु.सकील अख्तर ने कहा कि फलेरिया दूसरी सबसे बड़ी कुरूपता और विकलांगता कराने वाली बीमारी है। फलेरिया रोग हाथ,पांव,स्तन और हाइड्रोसील आदि को प्रभावित करता है। उन्होंने आगे बताया कि फलेरिया बीमारी का पता चलने में 5 साल से 15 साल तक लग जाता है। उन्होंने कहा कि फलेरिया की दवा सेवन से कुछ लोगों पर सरदर्द,उल्टी,चक्कर आदि जैसे मामूली प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है,बल्कि खुश होने की जरूरत है। इस तरह के लक्षण से पता चलता है कि आपके शरीर के अंदर फाइलेरिया के कीड़े दवा खाने से मर रहे होते हैं।


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सी.के.झा
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