स्वामी विवेकानंद की मनाई गई 162वीं जयंती,स्वदेशी स्वाबलंबन दौड़ आयोजित
🔴 उदाकिशुनगंज दक्षिणी मंडल के बुधामा शक्ति केंद्र में धूमधाम से मनाई गई स्वामी विवेकानंद की जयंती।
रिपोर्ट: दैनिक आजतक डेस्क।
भाजपा उदाकिशुनगंज दक्षिणी मंडल के बुधामा शक्ति केंद्र के भारती विद्या मंदिर बैजनाथपुर में स्वामी विवेकानंद की 162 वीं जयंती सोमवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर युवाओं में स्वदेशी का भाव जगाने के लिए स्वदेशी स्वावलंबन दौड़ का भी आयोजन किया गया। भाजयुमो मंडल अध्यक्ष सह समारोह की अध्यक्षता कर रहे शालिग्राम भारती ने हरी झंडी दिखाकर बच्चों के बीच दौड़ प्रारंभ की।
🔴 भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष शालिग्राम भारती ने कहा:
समारोह की अध्यक्षता कर रहे शालिग्राम भारती ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में कहा था कि मैं दुनिया की सबसे पुरानी संत परंपरा और सभी धर्मों की जननी की तरफ़ से धन्यवाद देता हूं। सभी जातियों और संप्रदायों के लाखों-करोड़ों हिंदुओं की तरफ़ से आपका आभार व्यक्त करता हूं। दुनियां में सहिष्णुता का विचार पूरब के देशों से फैला है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने कहा था कि मुझे गर्व है कि मैं उस धर्म से हूं जिसने दुनिया को सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति का पाठ पढ़ाया है। हम सिर्फ़ सार्वभौमिक सहिष्णुता पर ही विश्वास नहीं करते बल्कि, हम सभी धर्मों को सच के रूप में स्वीकार करते हैं। मुझे गर्व है कि मैं उस देश से हूं जिसने सभी धर्मों और सभी देशों के सताए गए लोगों को अपने यहां शरण दी।
🔴 मुख्य वक्ता रमेशचंद्र आचार्य ने कहा:
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सह भाजपा के सक्रिय व वरिष्ठ कार्यकर्ता रमेशचंद्र आचार्य ने उनके जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में एक बंगाली कायस्थ परिवार में हुआ था। जिनका वास्तविक नाम नरेंद्रनाथ दत्त था और उनके पिता विश्वनाथ दत्त कोलकाता उच्च न्यायालय में वकील थे और वे भारत के महान आध्यात्मिक गुरु और विचारक थे। उनके माता का नाम भुवनेश्वरी देवी था। उन्होंने कहा कि कोलकाता में जन्मे नरेंद्र नाथ आगे चलकर स्वामी विवेकानंद के नाम से प्रसिद्ध हुए। श्री आचार्य ने कहा कि विवेकानंद की जब भी बात होती है तो अमरीका के शिकागो की धर्म संसद में साल 1893 में दिए गए भाषण की चर्चा ज़रूर होती है। ये वो भाषण है जिसने पूरी दुनिया के सामने भारत को एक मजबूत छवि के साथ पेश किया।
🔴 भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य सुबोध चौधरी गणगण ने कहा:
भाजपा के जिला कार्यसमिति सदस्य सुबोध चौधरी गणगण ने कहा कि स्वामी जी ने कहा था कि सांप्रदायिकता, कट्टरता और इसके भयानक वंशजों के धार्मिक हठ ने लंबे समय से इस खूबसूरत धरती को जकड़ रखा है। उन्होंने इस धरती को हिंसा से भर दिया है और कितनी ही बार यह धरती खून से लाल हो चुकी है। न जाने कितनी सभ्याताएं तबाह हुईं और कितने देश मिटा दिए गए। उन्होंने उनके भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि यदि ये ख़ौफ़नाक राक्षस नहीं होते तो मानव समाज कहीं ज़्यादा बेहतर होता, जितना कि अभी है। लेकिन उनका वक़्त अब पूरा हो चुका है। मुझे उम्मीद है कि इस सम्मेलन का बिगुल सभी तरह की कट्टरता, हठधर्मिता और दुखों का विनाश करने वाला होगा। चाहे वह तलवार से हो या फिर कलम से।
इस अवसर पर भाजपा नेता सह सरपंच संघ के प्रखंड अध्यक्ष मनोज सिंह,मंडल मंत्री शिवम् कुमार, भाजयुमो मंडल मीडिया प्रभारी निखिल कुमार, उपसरपंच रणवीर कुमार,धर्वेन्द्र कुमार,सोनी, डोली, कुशुम,मौसम कुमारी सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।


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सी.के.झा
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