मधेपुरा। उचित आहार ही पोषण है, पोषण के लिए जरूरी है प्रोटीनयुक्त आहार

🔼उचित पोषण से मजबूत होगी रोग प्रतिरोधक क्षमता।

मधेपुरा ।

बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास पूरी तरह से उनके पोषण पर निर्भर करता है। वर्तमान वैश्विक महामारी के दौरान प्रतिरोधक क्षमता पर काफी जोर दिया जा रहा है। जिनके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता जितनी मजबूत होगी उनका संक्रमित होने की  सम्भावना उतना ही कम होगा। किसी के प्रतिरोधक क्षमता का सीधा संबंध उनके खान-पान यानि पोषण से है। यही बात बच्चों के साथ भी लागू होती है। इसलिए जरूरी है कि बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती प्रदान करने के लिए उनका खान-पान का विशेष ध्यान देना जरूरी है यानि उनका उचित पोषण किया जाय। बाल्यावस्था से उचित पोषण करते रहने से उनके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहेगी और आगे चलकर वे कई तरह की बीमारियों की चपेट में आने से बचे रह सकेंगे। उचित पोषण के अभाव में  शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर रहने के साथ-साथ बच्चो की शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर रहती है। जिसके कारण वे  बार-बार बीमार होने लगते हैं। यह उनके कुपोषित होने के आरंभिक लक्षण हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चों के खान-पान का विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें कुपोषण मुक्त रखा जाय।

🔼उचित आहार ही पोषण है--

जिला पोषण समन्वयक कुमारी अंशु ने कहा यदि आप यह समझतें हैं कि बच्चों को कभी भी और कुछ भी खिलाकर उनका पेट भर देना उनका उचित पोषण करना है तो यह गलत है। हमें बच्चों के शारीरिक तथा मानसिक विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को उनके आहार के माध्यम से पूरा करना ही उनका उचित पोषण है। बच्चों के शारीरिक विकास के लिए आवश्यक मिनरल, कार्बोहाइड्रेट, कैल्सियम, आयरन, प्रोटीन के साथ-साथ सूक्ष्म पोषण तत्व जैसे आयोडीन, जिंक, विटामिन आदि की पूर्ति उनके आहार के माध्यम से पूरा किया जाय।

🔼पोषण के लिए जरूरी है प्रोटीनयुक्त आहार--

कुमारी अंशु ने बताया बच्चों को आहार के माध्यम से जरूरी पोषक तत्वों देने की शुरुआत 6 माह से आरंभ हो जाती है। आगे चलकर बढ़ रहे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए प्रोटीन युक्त आहार जरूरी है। ऐसे में पोषक तत्वों को पूरा करने के लिए मिश्रित दालों का दलिया, दूध से बने उत्पाद, हरी सब्जी, पाॅल्ट्री उत्पाद, अंडा आदि का सेवन अवश्य कराते रहें। बच्चों को सेब, संतरा, अनार सहित मौसमी फलों का भी सेवन अवश्य कराते रहें। जिससे बच्चों को उनका उचित पोषण मिल सकेगा। 

🔼उचित पोषण से मजबूत होगी रोग प्रतिरोधक क्षमता--

जिला पोषण समन्वयक कुमारी अंशु ने बताया बच्चों को उचित पोषण दिया जाय तो इससे उनका उचित शारीरिक एवं मानसिक विकास तो होगा ही साथ ही बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहेगी और इससे बच्चों का किसी प्रकार के संक्रमण से बीमार होने की सम्भावना न के बराबर होगी।

रिपोर्ट : डेस्क दैनिक आजतक।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

शोक : खाड़ा में सेविका माला और शिक्षाविद कृष्ण झा के निधन से शोक, लोगों ने दी श्रद्धांजलि

बुधमा पंचायत के मुखिया पंकज सिंह गिरफ्तार,भेजें गए जेल

8 फरवरी को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 तक विभिन्न क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति रहेगी बाधित : विजय कुमार (स.वि.अभि.)