पटना। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से अटकता एपीएचसी खाड़ा का भवन निर्माण, विधायक और पदाधिकारी दे रहे कोरा आश्वासन

 -- स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से जनता अनशन की मूड में।

 -- लटकता देख एपीएचसी खाड़ा का भवन निर्माण पर आक्रोशित होते ग्रामीण।

-- विधायक और पदाधिकारी के कोरा आश्वासन से जनता हो रही स्वास्थ/चिकित्सा सेवा जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित। 

पटना/मधेपुरा।

मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र के सुदूरवर्ती खाड़ा पंचायत में आमजनों को ससमय नहीं मिल रहे स्वास्थ्य सलाह और ना ही मिल रही चिकित्सा / स्वास्थ्य संबंधी जैसी  मूलभूत सुविधाऐं। कोरोना जैसे  महामारी के कुसमय में भी चिकित्सा सुविधा से वंचित हो रहे हैं इस क्षेत्र के हजारों लोग। इस समस्या के समाधान के लिए स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार के नाम पड़े जमीन पर पूर्व के अस्पताल भवन के मलवे की जगह अस्पताल भवन निर्माण किए जाने की मांग अब तुल पकड़ने लगी है। बताते चलें कि उदाकिशुनगंज पश्चिमी  जिला परिषद क्षेत्र संख्या -18 के भावी प्रत्यासी, खाड़ा की बेटी सह समाजसेवी डेजी झा ने जिला पदाधिकारी मधेपुरा से अपने इमेल से मेल कर प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र के लोगों की मूलभूत स्वास्थ्य समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराकर आवश्यक कार्यवाही का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार स्वास्थ्य विभाग के नाम से खाड़ा में जमीन उपलब्ध रहने के बावजूद सुशासन सरकार द्वारा एपीएचएसी सेंटर का भवन निर्माण नहीं किए जाने से ग्रामीणों में अंदर ही अंदर आंदोलन की आग सुलग रही है। डेजी ने बताया कि अब अस्पताल भवन निर्माण के लिए आमरण अनशन का ही रास्ता जनता के हितों के लिए सही चुनाव है। इस मुहीम में शोशल मीडिया पर किए  पोस्ट पर भी तमाम समर्थन मिल रहा है। समर्थन देते हुए कुछ लोगों ने साथ देने का वादा किया तो कुछ लोगों ने विधायक नरेन्द्र नारायण यादव से इस बिषय में बातें कर आश्वासन देने की बात कही। कुछ ने तो  मीडिया में इसे प्रमुखता से उठाए जाने हेतु पत्रकार के लेखनी को सराहा। डेजी झा ने अस्पताल भवन निर्माण को लेकर आवेदन  मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, प्रधान सचिव, स्वास्थ्य विभाग सहित डीएम व अन्य पदाधिकारियों को भी दिया है। आवेदन में लिखा है कि इस मामले को लेकर 2 वर्षों से लगातार आवेदन दिया जा रहा है। लेकिन सरकार और पदाधिकारियों की ओर से अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। इस मामले को लेकर अब जिला मुख्यालय पर आमरण अनशन करने की भी बाते की गई है। आवेदन में लिखा गया है कि हद तो तब हो गई है कि जब मिली जानकारी के अनुसार खाड़ा एपीएचसी में पदस्थापित डॉक्टर नवीन कुमार एवं एएनएम प्रियंका कुमारी से खाड़ा की जनता को स्वास्थ्य संबंधित लाभ पाना तो दूर अबतक दर्शन भी नसीव नही हो पाया है । आवेदन में ये भी लिखा है कि उपरोक्त तथ्यों का अवलोकन करते हुए अविलंब खाड़ा एपीएचसी में चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी को प्रतिनियुक्त किया जाय एवं जल्द से जल्द एपीएचसी भवन निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाय अन्यथा वाध्य होकर हम आमरण अनशन पर जिला मुख्यालय में बैठेंगे। जिसकी सारी जवाबदेही जिला प्रशासन एवं सिविल सर्जन की होगी ।

♦️ इससे पहले गांव की बहु रश्मी झा ने 2016 में मुख्यमंत्री जनता दरवार में दी थी आवेदन--

🔼खाड़ा पंचायत में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) निर्माण से संबंधित पूर्व की मांग और कार्यवाई--

♦️रश्मि झा के अनुसार--

इन्होंने मुख्यमंत्री जनता दरवार को दिये  आवेदन, उसके जबाव व खाड़ा अस्पताल के जमीन से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए कही कि वो मुख्यमंत्री जनता दरवार में वर्ष 2016 जनवरी में अस्पताल से संबंधित आवेदन मुख्यमंत्री जनता दरवार में दी थी पर कार्यवाई जस का तस रहा ।

🔼स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार के नाम है कई एकड़ जमीन---

अस्पताल के जमीन का खाता सं.-1102060298000978,खेसरा न.-2107,08,09,10,व 2114 और रकवा -0.75,0.86,0.55,0.35 एवं 0.08 डिस्मिल जो कि थाना सं.-61 ,मौजा खाड़ा के अभिलेख में दर्ज है।

🔼पूर्व के आवेदन और कार्यवाई पर एक नजर--

श्रीमति रश्मि झा कहती है कि मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, मधेपुरा के पत्रांक-242 दिनांक 01.03.16 के जबाव में उल्लेख किया गया है कि अस्पताल को भवन हेतू स्वीकृति प्राप्त है। पर जमीन के अभाव के कारण भवन निर्माण का कार्य नहीं हो पा रहा है । जबकि  राजस्व विभाग का एक रिपोर्ट कहता है कि जमीन उपलब्ध है। क्या ऐसा दो तरह का रिपोर्ट "बिना परीक्षा में बैठे छात्र को सर्टिफिकेट जारी करने जैसी कहावत बयां कर रही है या नहीं ? सोचने योग्य और कार्यवाई करने योग्य कथा है। इस तरह की हाष्याष्पद करने वाली रिपोर्ट पर पदाधिकारियों पर कार्यवाई  होनी चाहिए या नहीं ? आप भी जज कर सकते हैं। ऐसा यक्ष प्रश्न उठना भी लाजमी है। उन्होने कहा कि सिविल सर्जन मधेपुरा द्वारा पूर्व से स्वीकृत एवं भवन विहीन एपीएचसी के बारे में गलत प्रतिवेदित किया गया था कि जमीन उपलब्ध नही है। जब इस संदर्भ में लोक शिकायत निवारण कार्यालय में परिवाद दायर कर जमीन का साक्ष्य उपलब्ध करवाया गया। तो सिविल सर्जन द्वारा गलती स्वीकार करते हुए भवन निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने को  प्रतिवेदन दिया गया था। लेकिन अबतक किसी भी तरह की आवश्यक कार्यवाही नही की गई है।

🔼वर्तमान मुखिया ध्रुव कुमार ठाकुर ने क्या कहा ?

खाडा़ पंचायत के वर्तमान मुखिया ध्रुव कुमार ठाकुर ने कहा कि आप(खुद मुखिया) अस्पताल भवन निर्माण के लिए तात्कालीन बीडियो को लिखित शिकायत किया था। उन्होने कहा कि मैने उनसे लिखित आवेदन में कहा था कि खाडा़ पंचायत में स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण हेतु जमीन उपलब्ध है। पूर्व में निर्मित भवन काफी जर्जर व पुराना होकर धाराशाही हो चुका है। ग्रामीण जनता एवं इसके आसपास के दर्जनों गांवों के निवासियों के लिए जो स्वास्थ्य केंद्र काफी   मायने रखता है। इसके निर्माण के लिए मैंने आवश्यक कार्यवाही की मांग भी की थी। इसपर उचित कार्यवाई का भी आश्वासन मिला था। पर कार्यवाई अबतक नदारद है। वर्तमान मुखिया कहते हैं कि अस्पताल बनाने हेतू जो उनसे सहयोग पदाधिकारी को चाहिये वो हरवक्त देने को तैयार हैं।

🔼क्या कह रहे ग्रामीण ?

चंदन कुमार झा कहते हैं कि खाड़ा पंचायत में अस्पताल भवन निर्माण की समस्या को लगातार 5-6 वर्षों से मीडिया द्वारा उठाया जा रहा है। जिसमें प्रिंट मीडिया में दैनिक जागरण,प्रभात खबर,हिन्दुस्तान,दैनिक भास्कर और वेब मीडिया में दैनिक खोज खबर,इंडिया न्यूज लाइव,बिहार न्यूज लाइव,दैनिक आज तक सहित तमाम  पत्रकारों ने बार- बार इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। इस मसले को लेकर एक कहावत सटिक बैठती है कि "एक दिन चले तो ढाई कोस,दस दिन चलें तों ढाई कोस"!

इस बिषय पर ग्रामीण सूर्यकान्त ठाकुर,शिवदत्त झा,पंकज कुमार झा,पूर्व सरपंच ललित नारायण राम,मटर राम,वकील राम,शैलैन्द्र राम,श्रीनंदन झा,श्रीनंदन पासवान, उपसरपंच शिवधर झा,वार्ड सदस्य राजीव झा,राजेश रंजन उर्फ सोना सिंह,पैक्स अध्यक्ष कमलेश कुमार झा,अमित कुमार सिंह,सुरज आजाद,रितेश सिंह लड्डू,प्रणव झा,राजीव कुमार झा,रीना सिंह,मीरा देवी,अनीता देवी,काजल कुमारी,रामानुज झा,कुन्दन सिंह सहित दर्जनों लोगों का कहना है कि अस्पताल भवन निर्माण व इसमें नियुक्त चिकित्सक और कर्मचारियों के पदस्थापना के लिए हम लोगों को जो आंदोलन सरकार व प्रशासन से करना पड़ेगा करेंगे। सभी लोगों की एक ही आवाज है कि अस्पताल भवन सरकार द्वारा बनवाकर यहां की जनता को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करवाना हमलोगों का प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। सरकार व प्रशासन इस अोर ध्यान दें ताकि हजारों जनता (चारों ओर के 09-10 पंचायत के लोग) इससे  लाभान्वित हो सके।

🔼पूर्व मुखिया सह भाकपा नेता दिगंबर झा क्या कहते हैं ?

खाड़ा के वयोवृद्ध पूर्व मुखिया सह भाकपा नेता दिगंबर झा कहते हैं कि मैं इस मुद्दे को लेकर पटना गया था। पार्टी स्तर से इसे विधानसभा में उठाकर कार्यवाई करवाऐ  जाने का आश्वासन मिला। इसके पश्चात उदाकिशुनगंज चिकित्सा पदाधिकारी से मिलने के बाद एक डाक्टर और दो नर्स की पदस्थापना खाड़ा में कर दी जाने की बातें कही गई। उन्होने पत्रकार से बातचीत के क्रम में आरोप के लहजे में कहा कि डाक्टर का पदस्थापना केवल कागज पर ही सिमट कर रह गया है। भवन निर्माण के साथ-साथ  इसके लिए भी आन्दोलन करने की आवश्यता है।

खाड़ा की जनता ने विनम्र निवेदन के साथ वरीय पदाधिकारियों से अनुरोध किया है कि जनता की स्वास्थ्य/चिकित्सकीय संबंधी मूल सुविधाओं के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आमजनों के हितार्थ ग्राम पंचायत खाड़ा में अतिरिक्त एपीएचसी भवन निर्माण हेतु अपने स्तर से आवश्यक निर्देश जल्द जारी करें, ताकि कोरोना जैसे महामारी के समय स्वास्थ्य सलाह एवं उचित इलाज मिल सके ।

रिपोर्ट : डेस्क दैनिक आजतक।

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