स्वास्थ्य: कालाजार से बचाव हेतु घर के अंदर सिंथेटिक पैराथायराइड (एस.पी) का खाड़ा में छिड़काव जारी
🔴 खाड़ा पंचायत में कालाजार से बचाव हेतु सिंथेटिक पैराथायराइड (एस.पी) का इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (IRS) जारी।
🔴 घर और आसपास की साफ-सफाई बनाए रखें,नमी और गंदगी से दूर रहें तथा नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें : राम बल्लभ कुमार (पीओसीडी)।
रिपोर्ट : दैनिक आजतक डेस्क।
उदाकिशुनगंज प्रखंड के खाड़ा पंचायत में 16 मार्च से सिंथेटिक पैराथायराइड (एस.पी) का इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (IRS) अभियान जारी है। यह छिड़काव कालाजार के मक्खी से बचाव और कालाजार रोग के रोकथाम हेतु क्षेत्र में किया जा रहा है।
बताते चलें कि कालाजार बालू मक्खी के काटने से होता है। इसको मारने और बीमारी फैलने से रोकने हेतु सिंथेटिक पैराथायराइड (एसपी) का छिड़काव सबसे प्रभावी तरीका है। छिड़काव में घर की भीतरी दीवारों,रसोईघर,पूजा घर और पशुशाला (गोहाल) में जमीनी स्तर से 6 फीट की ऊंचाई तक दवा का छिड़काव किया जाता है।
7 अप्रैल 2026 दिन बुद्धवार को खाड़ा पंचायत में वार्ड नंबर सात में पीरामल फाउंडेशन के कम्युनिकेशन डिजीज के प्रोग्राम आफिसर (POCD) राम बल्लभ कुमार की मौजूदगी में दो एस.एफ.डब्ल्यू (सीनियर फिल्ड वर्कर) प्रवीण कुमार शर्मा एवं रणधीर कुमार के साथ फिल्ड वर्कर का दो टीम द्वारा छिड़काव कार्य किया जा रहा है। एक छिड़काव दल वार्ड नंबर-7 में अवस्थित बिनोद झा के आवास में जहां छिड़काव कर रहा था वहीं दूसरी ओर लालकून राम के यहां भी दूसरा दल छिड़काव कर रहा था।
इस मौके पर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खाड़ा के जीएनएम ओमप्रकाश,वार्ड सदस्य राजकिशोर राम भी उपस्थित थे।
पीओसीडी रामबल्लव कुमार ने ग्रामीणों से संवाद भी किया और उन्हें कालाजार से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने लोगों को घर और आसपास की साफ-सफाई बनाए रखने,नमी और गंदगी से दूर रहने तथा नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक बुखार, कमजोरी,वजन कम होना या अन्य लक्षण दिखाई दें,तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं। इस प्रकार के समन्वित और सामूहिक प्रयासों से ही कालाजार जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग,पिरामल संस्था और ग्रामीणों के सहयोग से यह अभियान गांव को एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कालाजार के लक्षण होने पर अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों से मिलकर परामर्श तुरंत लें।
🔴 कालाजार का लक्षण:
15 दिनों से ज्यादा बीमारी बुखार के साथ,जो दवा खाने से ठीक न हो। पेट का आकार बढ़ना। खून की कमी,सुस्ती रहना। भूख कम लगना और वजन कम होना आदि कालाजार बीमारी का प्रमुख लक्षण है। त्वचा पर चकते/उभरे दाने या सिहुली भी त्वचा कालाजार हो सकता है।
🔴 खाड़ा के सभी वार्ड में होगा छिड़काव :
सीनियर फिल्ड वर्कर प्रवीण कुमार शर्मा ने बताया कि हमलोग खाड़ा में 6 वार्ड तक छिड़काव कर दिए आज सातवां वार्ड किया जा रहा है। इसी तरह 13 मई 2026 तक खाड़ा में सभी 13 वार्ड का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
🔴 छिड़काव और सावधानियां :
छिड़काव से पहले घर की दीवारों के छेदों और दरारों को बंद कर लेना चाहिए। छिड़काव से पूर्व भोजन सामग्री, बर्तन और कपड़ों को घर से बाहर सुरक्षित स्थान पर रख लेना जरूरी है। बताया जा रहा है कि छिड़काव के बाद कम से कम दो घंटे तक घर के अंदर न प्रवेश की जानी चाहिए।
🔴 तीन माह तक दीवारों की लिपाई-पोताई नहीं करें :
कीटनाशक का असर बना रहने देने के लिए कम से कम 2.5 से 3 महीने तक दीवारों की लिपाई-पोताई नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही घर के साथ-साथ पशुओं के रहने वाली जगह पर भी छिड़काव सुनिश्चित करें।
यह छिड़काव प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा किया जाता है और स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकर्ताओं द्वारा दो दिन पहले ही लोगों को इसकी सूचना भी दिए जाने की पहल की जाती है।
इस समय फिल्ड वर्कर चंद्रशेखर शर्मा, शत्रुघ्न साह, विनोद ऋषिदेव, सदानंद शर्मा, राकेश पासवान, भूषण राम,अनिल मेहता, मदन शर्मा,बबलू साह, रणजीत कुमार साह के साथ-साथ आशा कार्यकर्ता आशा कुमारी और गृहस्वामी मौजूद थे।


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सी.के.झा
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