सहरसा। जिले में ई-संजीवनी ओपीडी सेवा संचालित- डीसीएम
🔼मंगल, बुध व शुक्रवार को जिले में दी जाएगी ई-संजीवनी एप से सेवाऐं।
सहरसा। कोरोना संक्रमण काल में जब लोग अस्पतालों में जाने और संक्रमण को देखते हुए अस्पतालों में जाकर अपना इलाज करवाने से घबरा रहे थे। इसके देखते हुए सरकार द्वारा ई-संजीवनी एप द्वारा रोगियों को घर बैठे चिकित्सकों का मुफ्त परमर्श उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। यह एक टेली-मेडिसीन प्रणाली है, जिसके जरिए लोग अपने मोबाइल का उपयोग कर जिले के अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों को अपनी परेशानी बताते हुए उचित परामर्श प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए मरीजों को अपने मोबाइल में ई-संजीवनी एप्लिकेशन अपलोड करना होगा। वहीं जिले के चिकित्सक भी इसमें पंजीकृत करेंगे।
🔼जिले के लोग घर बैठे अपने मोबाइल पर चिकित्सकों से सीधे परामर्श ले पायेंगे-
जिला सामुदायिक मोबलाइजर राहुल किशोर ने बताया इस एक एप के उपयोग से लाभुक को अस्पताल नहीं जाना होगा। वे घर बैठे अपने मोबाइल पर चिकित्सकों से सीधे परामर्श ले पायेंगे। इससे पहले जब भी किसी मरीज को चिकित्सीय परामर्श लेने की आवश्यकता पड़ती थी तो वे पहले अस्पताल जाते थे, लाइन में लगते थे या फिर चिकित्सक से मिलने का समय लेते थे। वहीं अस्पताल में भीड़ से लोगों को संक्रमण का खतरा बना रहता था। लेकिन अब ई-संजीवन एप के कारण अब मरीजों को इन परेशानियों से निजात मिल जाएगी । उन्होंने बताया इस एप के बारे में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं द्वारा घर-घर जाकर बताया भी जा रहा है। वहीं केयर इंडिया का भी सहयोग इसके प्रचार-प्रसार में लिया जा रहा है।
🔼ऐसे करें मोबाइल में ई-संजीवन एप अपलोड--
मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर के जरिए एप्लिकेशन को अपलोड करें। इसके बाद तीन विकल्प दिखेंगे। पहला मरीज के रजिस्ट्रेशन एवं टोकन, दूसरा मरीज के लाॅग-इन और तीसर प्रेसक्रिशन का विकल्प होगा। रजिस्ट्रेशन व टोकन प्राप्त करने के बाद मोबाइल नंबर डालना होगा। इस पर ओटीपी आएगा, ओटीपी डालने के बाद फार्म भरना होगा।
🔼चिकित्सकों को भी करना होगा पंजीकरण--
ई-संजीवनी एप्प के जरिए मरीजों को चिकित्सीय परामर्श देने के इच्छुक चिकित्सकों को भी अपना पंजीकरण कराना होगा। केवल इस एप पर पंजीकृत चिकित्सक ही मरीजों को सलाह दे पायेंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस पोटर्ल के प्रचार-प्रसार किये जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ घर बैठे ले सकें।
🔼स्वास्थ्य केन्द्रों पर मरीजों के दबाव में आएगी कमी--
इस सेवा के आरंभ हो जाने से जहाँ स्वास्थ्य केन्द्रों पर मरीजों के दबाव में कमी आयेगी वहीं वैश्विक महामारी कोरोना के कारण अति आवश्यक होने पर जो लोग अस्पताल जाने से बच रहे थे को भी चिकित्सकों द्वारा मुफ्त परामर्श उपलब्ध करवाने में सरकार सफल रहेगी। ऐसे में बिना अस्पताल जाये, लोग घर बैठे ही ई-संजीवनी एप के माध्यम से चिकित्सकों से बात कर, अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराते हुए उचित चिकित्सीय परामर्श लेने में कामयाब होगे। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ई-संजीवनी एप चिकित्सा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी।
रिपोर्ट : डेस्क दैनिक आजतक।

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