उदाकिशुनगंज में चक्का जाम कर लगाए गए नारे,यात्री रहे परेशान

🔴 राष्ट्रीय मज़दूर कांग्रेस (INTUC) एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा ) एवं अन्य श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा  किया गया रोड जाम।

रिपोर्ट: दैनिक आजतक डेस्क। 


10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रीय मंच के आह्वान पर गुरुवार को आयोजित अखिल भारतीय आम हड़ताल के क्रम में आज राष्ट्रीय मज़दूर कांग्रेस (INTUC) एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा )अन्य श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा नगर परिषद क्षेत्र के रहटा चौक पर चक्का जाम कर सरकार के विरोध में नारे लगाए गए।

इस मौके पर इंटक जिलाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि देश का श्रमिक वर्ग आज गंभीर आर्थिक, सामाजिक एवं श्रम संबंधी संकटों का सामना कर रहा है। बेलगाम निजीकरण,सार्वजनिक उपक्रमों की बिक्री, कॉरपोरेट परस्त नीतियाँ,श्रमिक-विरोधी लेबर कोड्स,सम्मानजनक रोजगार की कमी, न्यूनतम वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा पर हमले, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की अनदेखी तथा बढ़ती सांप्रदायिक वैमनस्य की राजनीति ने श्रमिकों के जीवन को असुरक्षित बना दिया है। 

इधर भाकपा के अंचल मंत्री भाकपा डॉ.प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि गुरुवार को देशव्यापी हड़ताल के तहत हमलोग उदाकिशुनगंज अंचल के रहटा चौक पर जाम कर सरकार का श्रम कानूनों का विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिक विरोधी कानूनों को वापस ले। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केन्द्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि लाल झंडे का सिपाही वीबी-राम जी (विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)  जैसे कानून को कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने तत्काल प्रभाव से नौ सूत्री मांगों को लागू करने की भी मांग की है।


प्रमुख मांगें:

1. सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण एवं कॉरपोरेटपरस्त नीतियों पर रोक लगाई जाए।

2. श्रमिक-विरोधी चारों लेबर कोड्स को रद्द कर श्रमिक हितैषी श्रम कानून लागू किए जाएँ।

3. सभी श्रमिकों को सम्मानजनक एवं स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाए।

4. न्यूनतम वेतन को कानूनी गारंटी के साथ जीवन-यापन योग्य बनाया जाए।

5. सभी श्रमिकों के लिए व्यापक सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

6. पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू किया जाए।

7. भूमि अधिग्रहण एवं श्रमिकों के विस्थापन की नीतियों में जनहित को सर्वोपरि रखा जाए।

8. सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा की राजनीति पर रोक लगाकर सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा दिया जाए।

9. लोकतंत्र, संविधान एवं श्रमिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

जाम का नेतृत्व संयुक्त रूप से इंटक जिला अध्यक्ष संजय कुमार सिंह,,उमा कांत सिंह राज्य परिषद सदस्य,चांद साहब एआई पीआई,इंटक युवा अध्यक्ष मुकेश कुमार, गरीब मंडल इंटक,बबलू पासवान,दुर्गेश ठाकुर, संजना कुमारी, कंचन देवी, उमेश पासवान,अनिल पासवान ,राम रतन चौधरी, मंजू देवी,राधा देवी, मिथलेश कुमार,फुलचन, पप्पू,मु. जिय उद्दिन, चंदर पासवान,प्रदीप शर्मा, विद्यानंद पंडित, गायत्री देवी, रेखा देवी,देबी भगत,मु. छेदि नद्दाफ,दिना कामति, सिकंदर मंडल, शंभू पासवान, सच्चिदा शर्मा,गोनर कामति, सुनिल शर्मा,लक्ष्मी दास, दिनेश महतो,बोनू सदा,मिथलेश, अशोक,पृथ्वी सदा, गुलाब,साजना, सुरज,रामलेख, राजन, तेतरी देवी,मु. अहमद, रानी,कंचन, शिया देवी,रीना देवी,मीना देवी ,प्रेमा देवी,शोभा देवी, प्रकाश, राजेश,अंचल मंत्री अरुण तांती,संजीत सिंह सहित कई युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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