पड़रिया के युगेश्वर धाम में हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा को दूसरे सोमवारी पर किया जलाभिषेक
🔴 कांवरियों की सेवा में स्थानीय युवा रहे मशगूल।
रिपोर्ट: संजीव कश्यप।
मधेपुरा।
मधेपुरा जिले के बिहारीगंज प्रखंड सह विधानसभा क्षेत्र के पड़रिया पंचायत में वर्षों पूर्व से स्थापित युगेश्वर महादेव को हजारों कांवरियों ने दूसरी सोमवारी को जल चढ़ाया।
बताते चलें कि युगेश्वर धाम के ही कारण पड़रिया पंचायत क्षेत्रों में चर्चित है। बताया जाता है कि ऐतिहासिक योगेश्वर धाम महादेव मन्दिर में वर्षों तक शिव के सेवक के रूप में तपश्वी महात्मा बाबा रामदास जी रहे।
उनके द्वारा वर्षों से की गई बाबा भोले की सेवा और श्रद्धालुओं का योगेश्वर धाम में महादेव के साथ ही बाबा रामदास के प्रति स्नेह इस धाम को चार चांद लगा दिए। मान्यता है कि इस शिव मंदिर के शिवलिग पर जो श्रद्धालु स्वच्छ मन से जलार्पण करते हैं, भगवान शिव उसकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। मंदिर को लेकर चर्चा है कि सौ वर्ष पूर्व पड़रिया का पूरा क्षेत्र जंगल से घिरा हुआ था।
🔴 युगेश्वर महादेव की सेवा व कृपा से दृष्टिहीन बाबा को मिली थी देखने की शक्ति:
दशकों पूर्व बाल्यकाल में दोनों आंख से दृष्टिहीन बाबा रामदास कहीं से आकर इस जगह रहने लगे थे। उसी समय वहां बाबा भोले का प्राकट्य हुआ था। तब से उन्होंने इनकी सेवा प्रारंभ की थी। उस समय शिवलिग देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने भगवान शिव की लीला मानकर भजन-कीर्तन कराया था। शिवलिंग खुले आसमान में रहने पर बाबा ने लोगों से चंदा इकट्ठा कर एक झोपड़ीनुमा घर बनवाया था,जहां आसपास के लोग जलार्पण करने आते थे। बाबा रामदास की असीम सेवा और क्षद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चंदा से आज शिव धाम में एक दर्जन से अधिक मंदिर बनाया जा चुका है। ऐतिहासिक युगेश्वर धाम में भक्तों को कमोबेश दर्जन भर मंदिर एक साथ देखने को मिलता है। जिसमें दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर,विषहरी मंदिर,पार्वती मंदिर,सरस्वती मंदिर आदि प्रमुख है। जहां प्रतिवर्ष नवाह और सावन मास में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है है। बताया जाता है कि बाबा रामदास को महादेव की सेवा ने दृष्टि दिया और कुछ समय बाद वो देखने लगे थे।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन में कांवरियों का जत्था भागलपुर जिला के कहलगांव क्षेत्र से बटेशपुर गंगा से जल भरकर पैदल कांवर यात्रा पूरी कर जलाभिषेक किया है। यह जलाभिषेक सावन के प्रत्येक दिन जारी है। कांवरियों द्वारा बोलबम के जयकारे के साथ कांवर में जल भरकर यात्रा बेहद भव्य दिखाई देता है। श्रद्धालुओं द्वारा कांवरियों की सेवा हेतु शर्बत,फल,पानी और सड़कों की सफाई जगह-जगह करते नजर आते हैं।
जगह-जगह युवा समाजसेवी मेडिकल कैंप में नि:शुल्क दवा वितरण और कांवरियों को रहने-खाने की व्यवस्था में भी सेवारत देखे जाते हैं।



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