भागवत कथा : बुधामा में पूज्य संत नारायण दास जी के भागवत कथा से झूमे श्रद्धालु

🔴 11 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन कथा श्रवण को उमड़ी भीड़। 

🔴 खाड़ा के मुखिया ध्रुव कुमार ठाकुर,सरपंच प्रतिनिधि मंजय प्रसाद सिंह एवं एनजेए के वरीय प्रदेश उपाध्यक्ष चंदन कुमार झा ने व्यास गद्दी पहुंचकर संत से आशीर्वाद प्राप्त किये।

🔴 महाराज द्वारा सभी को माला और श्रीराम लिखा पट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया।

रिपोर्ट: पुष्पम कुमार/ उदाकिशुनगंज।

उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र के बुधामा में आयोजित ग्यारह दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ी रही। भागवत कथा महायज्ञ में महिलाओं की काफी संख्या दिखी। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालू भागवत कथा के प्रसंग व भजन पर भक्ति में लीन होकर ताली बजाते हुए झूमते हुए देखे गए। 

🔴 मंच पर यजमान भी ले रहे थे कथा का रसास्वादन :

मंच पर भागवत कथा के यजमान कुमकुम देवी एवं विरेन्द्र कुमार मिश्र उर्फ कन्हैया जी कथा रसास्वादन ले रहे थे। महाराज जी के साथ आए आचार्य मुरारी जी एवं आयोजक मंडली भी इस वक्त मौजूद थे। 

🔴 संत नारायण दास ने भक्तों को कथा द्वारा विभिन्न प्रसंगों को सुनाकर भावविभोर कर दिया:

भागवत कथा महायज्ञ के सातवें दिन व्यास गद्दी पर आसीन संत स्वामी नारायण दास जी महाराज ने कथा में कहा कि भागवत सांसारिक व दैविक रहस्य को बताता है। जो इस रहस्य को समझेगा उसे तन-मन की शाति व मोक्ष अवश्य मिलेगी। आज लोग अधिक से अधिक कमाई कर भौतिक सुख के साथ मन की शाति चाहते हैं,परंतु मन की शाति लाखों,करोड़ों खर्च कर भी नहीं मिल सकती है। मन की शांति तभी मिलेगी जब लोग भौतिक सुख के पीछे भागना छोड़कर संतोष करना सीख लेंगे। उन्होंने वृन्दावन का व्याख्या करते हुए कहा कि जहां तुलसी का वन है वह वृन्दावन है। भगवान कृष्ण इसलिए इस जगह को ही अवतरण हेतु चुने। आगे उन्होंने कथा में नरसिंह अवतार के स्थान पूर्णियां जिला के बनबनखी के बारे में तथा कृष्ण के ससुर मगध नरेश जरासंध के जन्मस्थान मगध जो अभी पटना है के बारे में भी बताया। उन्होंने कथा कहते हुए कहा कि श्रीकृष्ण अभी (2024) से लगभग 5252 (पांच हजार दो सौ बावन साल) वर्ष पहले अवतरित हुए थे।

दैनिक आजतक के यूट्यूब पर भागवत कथा को सुनने के लिए नीचे👇 दिए गए लिंक पर क्लिक करें: 

https://youtu.be/rNseghnVDEY?si=i26rjgSc1weFzCup

🔴 हिन्दू की पहचान को बताया:

आगे उन्होंने हिन्दू होने की पहचान को   गिनाते हुए कहा कि जो लोग अपने शरीर में तुलसी या रूद्राक्ष की माला पहने,जो अपने घर-आंगन में तुलसी लगाए,जो देशी गैया को अपने घर पाले तथा जो नित भागवत,रामायण,गीता,पुराण व अन्य सदग्रंथों का चिंतन,श्रवण और पठन-पाठन तथा दर्शन करें वही हिंदू है। इसके साथ ही संत दास जी द्वारा राधा-कृष्ण की रास लीला प्रसंग पर भी श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। 

🔴 21 नवंबर तक बुधामा में चलेगा भागवत कथा महायज्ञ:

बताते चलें कि 11 दिवसीय भागवत कथा 10 नवंबर से 21 नवंबर 2024 तक लगातार चलने वाला है। कथा का समय साढ़े 5 बजे शाम से साढ़े 9 बजे रात्री तक सीमित है।

🔴 मुखिया ध्रुव पहुंचे भागवत कथा श्रवण करने बुधामा :

भागवत कथा महायज्ञ के सातवें दिन 17 नवंबर रविवार को खाड़ा के मुखिया ध्रुव कुमार ठाकुर,खाड़ा सरपंच प्रतिनिधि मंजय प्रसाद सिंह,एनजेए के बिहार प्रदेश के उपाध्यक्ष चंदन कुमार झा ने संत श्री नारायण दास जी के चरणों में शीश नवाते हुए आशीर्वाद प्राप्त किये तथा घंटों कथा महायज्ञ का रसास्वादन लिये। सभी को संत श्री के द्वारा बारी-बारी से फूलों की माला व श्रीराम लिखा पट्टा से मंच पर सम्मानित किया गया।

संत नारायण दास जी ने कहा कि प्रवचन    मनुष्यों के अहंकार और उनके अंदर बसे मदरुपी अंधकार को नष्ट करते हुए प्रकाश फैलाने का कार्य करते हैं। संत आपके नगर कस्बे में ज्ञान रूपी प्रकाश फैलाकर जाते हैं उस ज्ञान को मनुष्य को अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है। इधर संत श्री के द्वारा गाए भजन "हम तो हिन्दू ही हिन्दू कहाएंगे"...के भजन पर श्रोता झूमते रहे। 

इस भागवत कथा महायज्ञ के मुख्य कार्यकर्ताओं में नीरज झा,मुकेश कुमार सिंह,निलेश मुखिया,सुबोध चौधरी गणगण,गोविन्द कुमार,रामू कुमार विवेक,प्रमोद मिश्रा, रोहित सिंह,आजाद शर्मा,रजनीश कुमार झा एवं अन्य दर्जनों युवा को सक्रिय देखे गए।

मौके पर अमरनाथ झा उर्फ लाल बाबू,उमेश मंडल सहित काफी संख्या में भक्तीमति माता एवं श्रोतागण उपस्थित थे।

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