टीन एवम बांस की जुगत से बने घर में एससी बाहुल्य झंडा टोला में चल रहा है वर्षों से विद्यालय, गहरी नींद में विभाग
🔴 खाड़ा पंचायत का एन पी एस झंडा टोला में बुनियादी सुविधाएं भी मयस्सर नहीं।
🔴 वर्ष 2016 में विद्यालय का शिक्षा विभाग द्वारा कार्य करवाया गया प्रारंभ,आठ वर्ष बीतने के उपरांत भी अभी तक धरातल पर नहीं बदली तस्वीर।
🔴 विद्यालय की रसोइया अनिता देवी के पति समाजसेवी मिट्ठन ऋषिदेव ने 9 डिसमल जमीन विद्यालय को दिया है दान।
🔴 विद्यालय में एससी द्वारा दिए गए विद्यालय में जमीन दान के बाबजूद अभी तक भवन,बिजली,स्वच्छ जल सहित बुनियादी कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं।
रिपोर्ट: दैनिक आजतक डेस्क।
उदाकिशुनगंज (मधेपुरा)।
शिक्षा विभाग बिहार सरकार अपने शिक्षा के स्तर को नित्य सुधारने का जितना भी दावा कर ले,परंतु अभी भी जिले में कई विद्यालयों की जमीनी हकीकत व हालात कुछ और ही बयां कर रही हैं। ये अलग बात है कि स्कूलों को बुनियादी सुविधाएं भी मयस्सर नहीं हैं। विद्यालय में भवन,बिजली, वर्ग कक्ष,बेंच डेस्क सहित कई अन्य मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं।
इन सब कमी के बाबजूद लगता है विभाग के बाबुओं ने अपने निरीक्षण में सभी कुछ को चकाचक व तंदुरुस्त दिखा दिया हो,तभी तो जमीन रहते हुए भी हालात जस की तस बनी हुई है।
🔴 एससी बाहुल्य झंडा टोला में संचालित विद्यालय की स्थिति दयनीय :
झंडा टोला मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज प्रखंड के अंतिम छोड़ एवम सहरसा जिले के सीमा पर अवस्थित खाड़ा पंचायत के वार्ड एक में संचालित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय की स्थिति दयनीय अवस्था में है।
इस गांव में अधिकांशतः अनुसूचित जाति एवं महादलित समूह के लोग निवास करते हैं। वर्ष 2016 में शिक्षा विभाग द्वारा सर्वेक्षण के बाद इस टोले में विद्यालय की स्थापना हुई।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार सर्वप्रथम यह विद्यालय पेड़ के नीचे संचालित होते थे। बरसात के दिनों में इस कारण यहां काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। बाद में जमीन नहीं रहने और भवन नहीं रहने के कारण विभाग द्वारा इस विद्यालय को दो किलोमीटर दूर खाड़ा पंचायत के ही बरहकोल गांव स्थित विद्यालय में शिफ्ट कर दिया गया था। वहां दूरी अधिक हो जाने के फलस्वरूप बच्चे कम जाने लगे,तो झंडा टोला विद्यालय के ही रसोइया अनिता देवी के पति समाजसेवी मिठ्ठन ऋषिदेव ने 9 डिसमल जमीन विद्यालय को मई 2024 में दान देकर दो वर्षों से भवन निर्माण एवम अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु दौड़ लगाते थक चुके हैं। फिलहाल किसी तरह यह विद्यालय एक टीन के जर्जर शेड तथा बांस के टाट के सहारे खड़ा चल रहा है।
🔴 कहती हैं विद्यालय की प्रधानाध्यापिका :
इस विद्यालय की वर्तमान प्रधानाध्यापिका सुनीता कुमारी एवं पूर्व प्रधानाध्यापक नीरज कामत के अनुसार विद्यालय की दयनीय स्थिति भवन,बेंच डेस्क सहित मूलभूत समस्याओं की कमी के संबंध में कई बार बीईओ कार्यालय से लेकर शिक्षा विभाग के जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय को अवगत कराया,बाबजूद सिवा आश्वासन के अभी तक स्थिति यथावत ही है।
इस विद्यालय में वर्ग एक से पांच तक कुल 79 बच्चे नामांकित हैं। एचएम के अनुसार विद्यालय में एचएम सहित तीन शिक्षक पदस्थापित हैं। एक शिक्षिका अमृता कुमारी गुरुवार को एसएल में बताई गई।
🔴 कहते हैं ग्रामीण :
इस विद्यालय की ऐसी हालात व दुर्दशा के बारे में एक जुट होकर सभी ग्रामीणों का कहना था कि दस साल पुराने इस स्कूल की कई बार जांच में शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा कर्मी आए,वो देख कर भी गए,कि कैसे बच्चे इस बरसात व गर्मी के मौसम में जर्जर टीन के झोपड़ी में पढ़ते हैं,बावजूद विभाग को सबकुछ तंदुरुस्त व चकाचक ही नजर आता है। ग्रामीणों ने कई सवालिया लहजे में आक्रोश व्यक्त करते हुए नौनिहालों के भविष्य को देखते हुए शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों सहित डीएम से ध्यान आकृष्ट करते हुए इस विद्यालय की समस्याओं से निजात दिलाने की मांग की है।

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सी.के.झा
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